भारतीय समाज की, बस एक ही पहचान,
लड़की हो सुन्दर, और लड़का बुद्धिमान,
हुआ जो इसका उल्टा, समझो आफत महान,
लड़की नहीं है रूपसी, ईश्वर ने दिया ज्ञान,
पर, क्या करेगी पढ़-लिख कर गणित और विज्ञान,
बनाना तो उसे खाना है चाहें रोटी हो या नान,
माता-पिता की बस चिंता यही,
कैसे होगी शादी लड़की की, और कैसे करेगा लड़का काम,
लड़का जी हैं रूपधनी पर पढ़ने से मजबूर,
माता-पिता देखें कैसे, अपने सपने होते चूर,
अपने सपने होते चूर न देखे जाते,
किसी न किसी कालेज में जरूर दाख़िला करवाते,
आगे की कहानी अब हम अपने मुँह से क्या बतलायें ,
आप सब हैं समझदार, इशारों से काम चलायें,
भारतीय समाज की, बस एक ही पहचान,
लड़की हो सुन्दर, और लड़का बुद्धिमान…………
लड़की हो सुन्दर, और लड़का बुद्धिमान,
हुआ जो इसका उल्टा, समझो आफत महान,
लड़की नहीं है रूपसी, ईश्वर ने दिया ज्ञान,
पर, क्या करेगी पढ़-लिख कर गणित और विज्ञान,
बनाना तो उसे खाना है चाहें रोटी हो या नान,
माता-पिता की बस चिंता यही,
कैसे होगी शादी लड़की की, और कैसे करेगा लड़का काम,
लड़का जी हैं रूपधनी पर पढ़ने से मजबूर,
माता-पिता देखें कैसे, अपने सपने होते चूर,
अपने सपने होते चूर न देखे जाते,
किसी न किसी कालेज में जरूर दाख़िला करवाते,
आगे की कहानी अब हम अपने मुँह से क्या बतलायें ,
आप सब हैं समझदार, इशारों से काम चलायें,
भारतीय समाज की, बस एक ही पहचान,
लड़की हो सुन्दर, और लड़का बुद्धिमान…………
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