आज आप सभी के साथ कुछ हेल्थ-टिप्स शेयर करने जा रही हूँ, हालाँकि मैं ख़ुद ऐसा नहीं मानती कि मैं 100% सही ही कह रही हूँ। ये टिप्स "अन्य बातें सामान रहने पर" की assumption के साथ ही काम करेंगे।
१. हमेशा ताज़ा: नियम बना लें कि बासी भोजन को हमेशा के लिये ना, और इस नियम का कड़ाई से पालन करें, जैसे ही आपने यह नियम तोड़ा आपका वज़न बढ़ना शुरू हो जायेगा, जिसे कण्ट्रोल करना टेढ़ी खीर है। केवल ताज़ा भोजन ही करें। स्वास्थ्य की कोई समस्या नहीं होगी। ताज़े भोजन का अर्थ है, अच्छी तरह साफ़ किया हुआ भोजन। इसलिये अपने भोजन की ज़िम्मेदारी आपको ख़ुद ही ले लेनी चाहिये, दूसरा व्यक्ति पता नहीं क्या बनाकर दे।
२. शाकाहार: मैं पूर्णतया शाकाहारी हूँ। शायद स्लिम रहने में शाकाहारी होना काफ़ी मददगार है। सर्दियों के मौसम के अलावा तला-भुना खाना खाने में परहेज़ ही करती हूँ।
३. मीठे हो लिमिटेड: मैं ख़ुद को लकी मानती हूँ कि मीठा खाना अधिक पसंद नहीं, चाय ज़रूर मीठी ही पीती हूँ। मीठा पसंद करने वालों के लिये weight control अधिक कठिन प्रक्रिया है। उन्हें चाहिये कि वो मीठे ड्राई फ्रूट्स से काम चलायें।
४. बाज़ारी चीज़ों से परहेज़: जो चीज़ें एक ही प्रकार के तेल में बार-बार तली जाती हैं,(बाज़ार की चीज़ें) उस तेल में बार-बार गर्म किये जाने के कारण हानिकारक केमिकल reactions होती हैं, ये हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिये बहुत ही हानिकारक हैं, अतः परहेज़ करें।
५. प्रकृति के क़रीब रहें: बनावटी/आर्टिफिशल चीज़ों और लोगों से दूर रहें, अपने शरीर की प्रकृति के अनुसार चलें। ज़रूरी नहीं कि जो चीज़ मुझे सूट करती हो आपको भी करे। जितना हो सके साधारण और सरल जीवनशैली अपनायें।
६. व्यायाम: मनुष्य का शरीर चलने-फिरने के लिये बना है। पैदल चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, तैरना, बैडमिंटन खेलना, योगा-प्राणायाम-ध्यान, इत्यादि, यानि की, जो भी आपसे हो सके वो व्यायाम करें, कम से कम व्यायाम करना है इस बात का स्ट्रेस मत लें। मस्त रहें।
७. हॉबीज़: ख़ुद को किसी न किसी हॉबी में बिज़ी रखें। यह हमें ओवरईटिंग से बचाता है।
८. नवब्याहता: नयी-नयी शादी के बाद स्लिम से स्लिम लड़कियों से साथ वेट issues होने लगते हैं, उसका सबसे बड़ा कारण होता है कि वो कई बार संकोचवश खाने के मामले में ना नहीं कह पाती हैं और घरवालों से हार जाती हैं, उन सभी से मेरा एक निवेदन है, आपका शरीर आपकी पहली ज़िम्मेदारी है, अतः दृढ़ता से काम लें। "पहला सुख, निरोगी काया"
९. डाइटिंग: किसी के कहने पर अचानक से कोई नयी डाइटिंग मत शुरू करें, ख़ासकर लड़कियाँ। आपका एंडोक्राइन सिस्टम बहुत ही नाज़ुक होता है, वातावरण के हल्क़े से हल्क़े सिग्नल को भी पकड़ लेता है और फ़िर आपका शरीर उसी प्रकार प्रतिक्रिया देता है। अतः हर काम साधारण तरीके से करें, किसी भी प्रकार की अति से बचें। याद रखिये कि शरीर को किसी पुरानी आदत को छोड़ने या नयी आदत अपनाने में कम से कम २१ से ४० दिन का समय लगता है।
१०. नींद: भरपूर नींद लें। जल्दी सुबह उठना स्वास्थ्य के लिये निःसंदेह लाभकारी है, कैसे मैनेज होगा ये आप स्वयं निर्धारित कीजिये। अच्छे स्वास्थ्य के लिये यह कोई बहुत बड़ी कीमत नहीं है।
निष्कर्ष:- अच्छी बातें हम सभी को लगभग पता हैं, जो इनका पालन कर पाता है वही राजा है, उसका अपने शरीर की गतिविधि पर काफ़ी हद तक कण्ट्रोल होता है।
१. हमेशा ताज़ा: नियम बना लें कि बासी भोजन को हमेशा के लिये ना, और इस नियम का कड़ाई से पालन करें, जैसे ही आपने यह नियम तोड़ा आपका वज़न बढ़ना शुरू हो जायेगा, जिसे कण्ट्रोल करना टेढ़ी खीर है। केवल ताज़ा भोजन ही करें। स्वास्थ्य की कोई समस्या नहीं होगी। ताज़े भोजन का अर्थ है, अच्छी तरह साफ़ किया हुआ भोजन। इसलिये अपने भोजन की ज़िम्मेदारी आपको ख़ुद ही ले लेनी चाहिये, दूसरा व्यक्ति पता नहीं क्या बनाकर दे।
२. शाकाहार: मैं पूर्णतया शाकाहारी हूँ। शायद स्लिम रहने में शाकाहारी होना काफ़ी मददगार है। सर्दियों के मौसम के अलावा तला-भुना खाना खाने में परहेज़ ही करती हूँ।
३. मीठे हो लिमिटेड: मैं ख़ुद को लकी मानती हूँ कि मीठा खाना अधिक पसंद नहीं, चाय ज़रूर मीठी ही पीती हूँ। मीठा पसंद करने वालों के लिये weight control अधिक कठिन प्रक्रिया है। उन्हें चाहिये कि वो मीठे ड्राई फ्रूट्स से काम चलायें।
४. बाज़ारी चीज़ों से परहेज़: जो चीज़ें एक ही प्रकार के तेल में बार-बार तली जाती हैं,(बाज़ार की चीज़ें) उस तेल में बार-बार गर्म किये जाने के कारण हानिकारक केमिकल reactions होती हैं, ये हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिये बहुत ही हानिकारक हैं, अतः परहेज़ करें।
५. प्रकृति के क़रीब रहें: बनावटी/आर्टिफिशल चीज़ों और लोगों से दूर रहें, अपने शरीर की प्रकृति के अनुसार चलें। ज़रूरी नहीं कि जो चीज़ मुझे सूट करती हो आपको भी करे। जितना हो सके साधारण और सरल जीवनशैली अपनायें।
६. व्यायाम: मनुष्य का शरीर चलने-फिरने के लिये बना है। पैदल चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, तैरना, बैडमिंटन खेलना, योगा-प्राणायाम-ध्यान, इत्यादि, यानि की, जो भी आपसे हो सके वो व्यायाम करें, कम से कम व्यायाम करना है इस बात का स्ट्रेस मत लें। मस्त रहें।
७. हॉबीज़: ख़ुद को किसी न किसी हॉबी में बिज़ी रखें। यह हमें ओवरईटिंग से बचाता है।
८. नवब्याहता: नयी-नयी शादी के बाद स्लिम से स्लिम लड़कियों से साथ वेट issues होने लगते हैं, उसका सबसे बड़ा कारण होता है कि वो कई बार संकोचवश खाने के मामले में ना नहीं कह पाती हैं और घरवालों से हार जाती हैं, उन सभी से मेरा एक निवेदन है, आपका शरीर आपकी पहली ज़िम्मेदारी है, अतः दृढ़ता से काम लें। "पहला सुख, निरोगी काया"
९. डाइटिंग: किसी के कहने पर अचानक से कोई नयी डाइटिंग मत शुरू करें, ख़ासकर लड़कियाँ। आपका एंडोक्राइन सिस्टम बहुत ही नाज़ुक होता है, वातावरण के हल्क़े से हल्क़े सिग्नल को भी पकड़ लेता है और फ़िर आपका शरीर उसी प्रकार प्रतिक्रिया देता है। अतः हर काम साधारण तरीके से करें, किसी भी प्रकार की अति से बचें। याद रखिये कि शरीर को किसी पुरानी आदत को छोड़ने या नयी आदत अपनाने में कम से कम २१ से ४० दिन का समय लगता है।
१०. नींद: भरपूर नींद लें। जल्दी सुबह उठना स्वास्थ्य के लिये निःसंदेह लाभकारी है, कैसे मैनेज होगा ये आप स्वयं निर्धारित कीजिये। अच्छे स्वास्थ्य के लिये यह कोई बहुत बड़ी कीमत नहीं है।
निष्कर्ष:- अच्छी बातें हम सभी को लगभग पता हैं, जो इनका पालन कर पाता है वही राजा है, उसका अपने शरीर की गतिविधि पर काफ़ी हद तक कण्ट्रोल होता है।
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