वो सर्दियों की गुनगुनी धूप में,
ताज़े अमरूदों को निपटाना,
वो गर्मियों के थपेड़ों वाली लू में,
लगाकर नमक कच्चा आम खाना,
वो झमाझम बारिश में झूलना,
झूला, आम के पेड़ पर,
वो सूँघना नींबू के फूल काँटों के बीच,
मोगरे की कलियाँ लेकर घूम आना,
वो दनदनाते चलाना सायकिल,
ढ़लान पर, लुढ़कना चोट खाना,
वो घेर लेना बिल्लियों को,
लड़ाना कोयल से ज़ुबान,
वो मूंगफली सी बातें,
वो मुरमुरे से सपने,
वो चिढ़ाना छोटी बहन को,
खींचकर चोटी सबके सामने,
वो खेलना कोट-पीस,
करना नन्ही सी बेईमानी,
वो मम्मी से लिपट सो जाना,
थककर रात भर पढ़ने के बाद,
वो बेफ़िक्री के दिन और सुहानी शामें,
कोई ला दे, कहानियों वाली बचपन की रातें।
ताज़े अमरूदों को निपटाना,
वो गर्मियों के थपेड़ों वाली लू में,
लगाकर नमक कच्चा आम खाना,
वो झमाझम बारिश में झूलना,
झूला, आम के पेड़ पर,
वो सूँघना नींबू के फूल काँटों के बीच,
मोगरे की कलियाँ लेकर घूम आना,
वो दनदनाते चलाना सायकिल,
ढ़लान पर, लुढ़कना चोट खाना,
वो घेर लेना बिल्लियों को,
लड़ाना कोयल से ज़ुबान,
वो मूंगफली सी बातें,
वो मुरमुरे से सपने,
वो चिढ़ाना छोटी बहन को,
खींचकर चोटी सबके सामने,
वो खेलना कोट-पीस,
करना नन्ही सी बेईमानी,
वो मम्मी से लिपट सो जाना,
थककर रात भर पढ़ने के बाद,
वो बेफ़िक्री के दिन और सुहानी शामें,
कोई ला दे, कहानियों वाली बचपन की रातें।
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