Tuesday, April 7, 2015

(7) "ज़िन्दगी"

ह्रदय की धड़कन है,
या नाड़ी का स्पंदन,
झरने की कल-कल है,
या नदी का गमन,

तपती हुई धूप है,
या शीतल मंद समीर,
सुमनों की सुगंध है,
या मगन मन-मंदिर,

वर्षा की बूँदें हैं,
या लहराते हुए खेत,
ममता की छाँव है,
या मरुभूमि की रेत,

शिशुओं का रुदन है,
या तरुणियों की हँसी,
वृद्धों का अनुभव है,
या युवाओं की रवानी,

मोह का एक पाश है,
या मुक्ति का स्फुटन,
संबन्धों की गर्माहट है,
या अकेलेपन की घुटन,

ज़िन्दगी तो एक है,
पूछने हैं प्रश्न,
क्यूँ आती है, क्यूँ जाती है,
क्यूँ करती है पर्यटन?

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