Tuesday, February 2, 2016

"सबसे बड़ा दुःख"

जानते हैं जीवन में सबसे बड़ा दुःख क्या होता है?
जीवन में सबसे बड़ा दुःख है बिछड़ना, बिछुड़ना, विछोह, बिछोह, दूरी। अपने प्रियजनों से दूरी की कल्पना मात्र से ही आप द्रवित हो उठते हैं। यहाँ तक कि कोई अपने प्रियजनों से दूर होने की बात भी आपको बताये तो आप घंटों तक रो सकते हैं, हाल ही में एक मित्र ने 10 वर्ष की आयु में हॉस्टल जाने और माँ से बिछड़ने का ज़िक्र किया और मुझे ख़ूब रुलाया, लेकिन ऐसे में ही आपको कुछ शक्तिशाली और सहनशील प्रियजन भी याद आते हैं जो अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रख सकते हैं। कैसे कर पाते हैं वो ऐसा? इसे एक उदाहरण से समझते हैं:-
जब छोटे बच्चे पहली बार स्कूल जाना शुरू करते हैं तो आपसे अलग़ होने से एहसास मात्र से ही वो रोने लगते हैं, ऐसा सिलसिला दो-चार दिन तक चलता है फ़िर सब सामान्य हो जाता है। क्यों? ऐसा इसलिये होता है कि आप जानते हैं कि आप जो कर रहे हैं उसके भले के लिये कर रहे हैं (separation anxiety), :) नहीं।
ऐसा इसलिये होता है क्योंकि आप जानते हैं कि हर व्यक्ति इस जगत में एक यात्री है, फ़िर चाहे वह आपका पुत्र या पुत्री हो या मित्र या प्रियजन। आगे की यात्रा उसका विधान है।
जब हम यहाँ (जापान) रहने आये थे हम नहीं जानते थे कि कितने दिन या कितने साल यहाँ रहना है। भाषा भी नहीं जानते थे। किसी से भावनात्मक सम्बन्ध बनेंगे इसकी आशा भी न की थी और आवश्यकता भी नहीं लगी। लेकिन फ़िर भी लोगों से मिलना-जुलना हुआ और जुड़ाव भी हो गया, अब यह जुड़ाव ही तो आधार है ना। मेरे इस ज़िक्र भर से ही कि मैं वापस चली जाऊँगी, मेरी सहेलियों की आँखें भर आती हैं। ऐसे में, मैं ख़ुद को बहुत विचित्र स्थिति में पाती हूँ, क्योंकि इस विछोह की पीड़ा के कारण को समझ जाने के कारण मैं दुःखी नहीं हो पाती हूँ। हम यात्री हैं और साथ होने का यही परिणाम है।
यह हम सभी समझते हैं कि भौगोलिकरूप से दूर हो जाने पर कई सम्बन्ध समाप्त हो जाते हैं, कई सम्बन्ध सुप्त हो जाते हैं, और कई सम्बन्ध बने रहते हैं। अतः कौन सा सम्बन्ध किन नयी ऊँचाइयों को छुऐगा, कौन सा सम्बन्ध दुःख का कारण बनेगा, यह पहले से कहा नहीं जा सकता। कोशिश कीजिये कि जिससे भी मिलिये प्रेमपूर्वक मिलिये। लोग आपको भूल जायेंगे, पर आपके व्यवहार को कभी नहीं भूलेंगे (व्यवहार की कई गलतियाँ मुझसे हो चुकी हैं)।

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