रिश्तों में भरम बना रहने दे,
ज़रा सी गुंजाइश बनी रहने दे,
रस्ते तो सबके कट ही जायेंगे,
ज़रा ये विश्वास बना रहने दे,
मन का मिलना न मिलना सही,
दुआ-सलाम तो ज़ारी रहने दे,
ज़िन्दगी पूछेगी सवाल आख़री,
कुछ बदी नेकी में तब्दील होने दे,
सब हैं परिंदे परदेशी, पर न क़तर,
आज यहाँ और कल वहाँ उड़ने दे,
पानी का बुलबुला है ज़िन्दगी,
कुछ अपन सुना, कुछ मुझे कहने दे।
ज़रा सी गुंजाइश बनी रहने दे,
रस्ते तो सबके कट ही जायेंगे,
ज़रा ये विश्वास बना रहने दे,
मन का मिलना न मिलना सही,
दुआ-सलाम तो ज़ारी रहने दे,
ज़िन्दगी पूछेगी सवाल आख़री,
कुछ बदी नेकी में तब्दील होने दे,
सब हैं परिंदे परदेशी, पर न क़तर,
आज यहाँ और कल वहाँ उड़ने दे,
पानी का बुलबुला है ज़िन्दगी,
कुछ अपन सुना, कुछ मुझे कहने दे।
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